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रामलला की जीत का आधार बना पुरातत्व विज्ञान, आसान नहीं था पुरातत्व विज्ञानियों की खोज को नकार देना – Mobile Pe News

रामलला की जीत का आधार बना पुरातत्व विज्ञान, आसान नहीं था पुरातत्व विज्ञानियों की खोज को नकार देना

अयोध्या पर फ़ैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि पुरातत्व विज्ञान को नकारा नहीं जा सकता। बाबरी मस्जिद के नीचे एक संरचना पाई गई है जो मूलतः इस्लामिक नहीं थी। जहां पर बाबरी मस्जिद के गुंबद थे वो जगह हिन्दू पक्ष को मिली।
अदालत ने कहा कि सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए पाँच एकड़ अलग उपयुक्त ज़मीन दी जाए। ज़मीन पर हिंदुओं का दावा उचित है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर अयोध्या पर एक कार्ययोजना तैयार करने का कहा है। कोर्ट ने कहा है कि बनायी गई ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को शामिल करना है या नहीं ये फ़ैसला केंद्र सरकार करेगी।

निर्मोही अखाड़ा का दावा खारिज। आस्था के आधार पर मालिकाना हक़ नहीं दिया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वकील ज़फ़रयाब ज़िलानी ने कहा कि वो फ़ैसले से असंतुष्ट हैं लेकिन साथ ही उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील भी की। बाबरी मस्जिद के नीचे एक संरचना पाई गई है जो मूलतः इस्लामिक नहीं थी। विवादित भूमि पर अपने फ़ैसले में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि पुरातत्व विज्ञान को नकारा नहीं जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या पर फ़ैसला सुना दिया है। अदालत ने बाबरी मस्जिद के गुंबद की जगह हिन्दू पक्ष को देने का फ़ैसला किया है। जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने 40 दिनों तक इस पर सुनवाई की थी। पाँच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से फ़ैसला सुनाया।
जस्टिस रंजन गोगोई ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के शीर्ष के अधिकारियों को बुलाकर मुलाक़ात की थी और फ़ैसले के दिन क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर निर्देश दिया था। अयोध्या में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

अंदर के चबूतरे पर कब्ज़े को लेकर गंभीर विवाद रहा है। 1528 से 1556 के बीच मुसलमानों ने वहां नमाज़ पढ़ जाने का कोई सबूत पेश नहीं किया। बाहरी चबूतरे पर मुसलमानों का क़ब्ज़ा कभी नहीं रहा। 6 दिसंबर की घटना से यथास्थिति टूट गई। सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड इस स्थान के इस्तेमाल का सबूत नहीं दे पाया। बाहरी चबूतरे पर हमेशा से हिन्दुओं का क़ब्ज़ा रहा। ऐतिहासिक यात्रा वृतांतों को भी ध्यान में रखा गया है। ऐतिहासिक यात्रा वृतांत बताते हैं कि सदियों से मान्यता रही है कि अयोध्या ही राम का जन्मस्थान है। हिन्दुओं की इस आस्था को लेकर कोई विवाद नहीं है। आस्था उसे मानने वाले व्यक्ति की निजी भावना है।
वो इमारत काले रंग के स्तंभों पर खड़ी थी। ASI ने एक विशेषज्ञ संस्था के तौर पर ये नहीं कहा था कि नीचे जो ढाँचा मिला है उसे ढहाया गया था। ज़मीन के मालिकाना हक़ का फ़ैसला क़ानून के सिद्धांतो के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।