Tuesday , June 25 2019
Home / National / राज्यसभा नामांकन विवाद उत्पन्न कर केजरीवाल ने लोकतंत्र को शर्मसार किया

राज्यसभा नामांकन विवाद उत्पन्न कर केजरीवाल ने लोकतंत्र को शर्मसार किया

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि अरविन्द केजरीवाल सरकार (Aam Aadmi Party) की उपलब्धियों के दावों की पोल अब सार्वजनिक जीवन के हर मुद्दे पर खुल रही है। दिल्ली में अस्पतालों के घटते बेड और निजी अस्पताल के प्रबंधक को राज्यसभा में पहुंचाना केजरीवाल सरकार के दावों की पोल खोलते हैं।

Aam Aadmi Party
Aam Aadmi Party

यह भी देखिये-शमा सिकंदर ने पोस्ट की बॉयफ्रेंड के साथ हॉट फोटो

तिवारी ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने 2015 में सत्ता में आने से पूर्व एवं सत्ता में आने के बाद दिल्ली को सर्वोत्तम शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवायें देने का वायदा किया और बिजली के दाम हाफ और पानी के माफ उनका संकल्प था। बेघरों को सुरक्षा देने के भी अरविन्द केजरीवाल (Aam Aadmi Party) ने बड़े-बड़े दावे किये थे।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केजरीवाल सरकार Aam Aadmi Party के रहते दिल्ली में सरकारी अस्पतालों में ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है और स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कुछ वर्ष पूर्व तक दिल्ली के सर्वोच्च रेफरल अस्पताल के रूप में देखे जाने वाले जी.बी. पन्त अस्पताल में भी मरीजों के लिए उपलब्ध बेड की संख्या तेजी से गिर रही है।

आर.टी.आई. से मिल रही जानकारी के अनुसार जी.बी. पन्त अस्पताल में स्वीकृत 758 बेड के स्थान पर केवल 735 बेड ही आज मरीजों को उपलब्ध हैं तो जनकपुरी स्थित सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में 250 बेडों के स्थान पर 100 बेड ही मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल प्रबंधन ने तो बेडों की उपलब्धता के बारे में जानकारी होने से ही इंकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध सरकारी अस्पताल जी.बी. पन्त में मरीजों के लिए उपलब्ध बेडों की संख्या में कमी पर आर.टी.आई. से मिली जानकारी और खुद सरकार द्वारा निजी अस्पतालों से इलाज करवाने की बात दर्शाता है कि केजरीवाल सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में असफल रही है। सरकारी अस्पतालों को सुदृृढ़ करने के केजरीवाल सरकार के संकल्प पर न सिर्फ निजी अस्पतालों में इलाज के प्रस्ताव से शंका उत्पन्न हुई है बल्कि अब राज्यसभा के लिए भी एक निजी अस्पताल के कर्ताधर्ता को नामांकित किये जाने से सरकार सवालों के कटघरे के बीच है।

यह भी देखिये- पूनम पण्डे ने इंस्ट्रा पर बोल्ड तस्वीरें शेयर करके, फैन्स से पूछा ये सवाल

केजरीवाल सरकार बेघरों के मुद्दे को भी एक राजनीतिक मुद्दे की तरह इस्तेमाल करती है, उसका भावनात्मक उपयोग करती है पर जमीन पर उनके लिए कुछ नहीं करती। तिवारी ने कहा कि गत दिनों मैं स्वयं देर रात में बेघरों की स्थिति को समझने एवं अपना निजी सहयोग बेघरों की मदद को देने के लिए निकला और देख कर दुख हुआ कि देश की राजधानी में हजारों-लाखों लोग सड़कों पर सोने के लिए बाध्य हैं। समाचारों के अनुसार इस वर्ष की सर्दियों में दिल्ली में लगभग 200 लोग ठंड के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। दिल्ली में लगभग 1 से 2 लाख निराश्रित एवं बेघर लोगों के होने का अनुमान है पर दिल्ली सरकार के सभी आश्रय केन्द्रों की संख्या मिलकर 25,000 लोगों को भी सुरक्षा नहीं दे पा रही है।

तिवारी ने राज्यसभा में दिल्ली से नामांकन को लेकर चल रहे विवाद पर खेद व्यक्त करते हुये कहा कि विभिन्न राज्यों से राज्यसभा के लिए नामांकन होते है, छोटे-छोटे दलों के प्रतिनिधि भी संसद में नामांकित होते हैं पर जिस प्रकार नामांकन के पीछे पैसे के आरोपों की बात सड़क से संसद के गलियारों तक और मीडिया डिबेटों में हो रहा है, उसने सभी अचंभित किया और लोकतंत्र को शर्मसार किया है।

आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकन को लेकर उत्पन्न विवाद जो दिल्ली में देखने को मिला है उसने दिल्ली की जनता को कुपित किया है और दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि इस विवाद के पीछे क्या है, आखिर क्यों ये पैसों के सवाल उठ रहे हैं ?

यह भी देखिये-फ्रीडा पिंटो ने इंस्टाग्राम पर अपनी तस्वीरें शेयर की, देखोगे तो बचपन की याद आएगी

About admin

Check Also

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ये पवित्र काम जिसे जान खुश हो जायेगे आप

वाराणसी । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *