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औरैया की सड़क दुर्घटना पर प्रेजिडेंट रामनाथ कोविंद ने दुख प्रकट किया

नयी दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उत्तर प्रदेश के औरैया में हुई सड़क दुर्घटना पर शनिवार को गहरा दुख प्रकट किया।

कोविंद ने ट्वीट करके कहा, “औरैया (उत्तर प्रदेश) में हुई सड़क दुर्घटना के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों की मदद के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।”

राष्ट्रपति ने कहा, “शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”गौरतलब है कि औरैया में राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिरुहली मिहोली गांव में शनिवार तड़के हुए इस हादसे में 24 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई और 35 अन्य घायल हो गए।

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मोदी ने औरैया हादसे पर दुख व्यक्त किया

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क दुर्घटना में लोगों के मारे जाने पर दुख और संवेदना प्रकट की है।

मोदी ने आज एक टि्वट कर कहा , “ उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क दुर्घटना बेहद ही दुखद है। सरकार राहत कार्य में तत्परता से जुटी है। इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

उल्लेखनीय है कि औरैया में राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिरुहली मिहोली गांव में शनिवार तड़के हुए इस हादसे में 24 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई और 35 अन्य घायल हो गए।

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‘मृतकों के परिवारों को मिलेगी एक लाख रूपये की सहायता’

लखनऊ।समाजवादी पार्टी(सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के औरैया में दिल दहला देने वाली घटना में 24 मजदूरों की मृत्यु पर दुख व्यक्त करते कहा कि सपा मृतकों के परिजनों को एक लाख रूपये की सहायता देगी।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) सरकार से मृतकों के परिजनों को दस लाख रूपये दिये जाने की मांग करते हुये कहा ऐसे हादसे मजदूरों की हत्या है। भाजपा को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिये। कुछ लोग सब कुछ जानकर, सब कुछ देखकर मौन साधे है। इसमें ऐसे है जो अपना घर चलाते है।

यादव ने शनिवार को ट्वीटकर कहा “उप्र के औरैया में सड़क हादसे में 24 से भी अधिक ग़रीब प्रवासी मज़दूरों की मौत पर अवर्णनीय दुख. घायलों के लिए दुआएँ। सबकुछ जानकर… सब कुछ देखकर भी… मौन धारण करनेवाले हृदयहीन लोग और उनके समर्थक देखें कब तक इस उपेक्षा को उचित ठहराते हैं। ऐसे हादसे मृत्यु नहीं हत्या हैं।”

यादव ने कहा “घर लौट रहे प्रवासी मज़दूरों के मारे जाने की ख़बरें दिल दहलानेवाली हैं. मूलत: ये वो लोग हैं जो घर चलाते थे. इसलिए समाजवादी पार्टी प्रदेश के प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 लाख रु की मदद पहुँचाएगी।
नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए निष्ठुर भाजपा सरकार भी प्रति मृतक 10 लाख रु की राशि दे। ”

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मधुमेह रोगियों को पैर और तलवे की झनझनाहट से राहत दिलाता है बेर

Plum relieves diabetics from tingling of feet: बेर के पेड़ शुष्क और अर्द्धशुष्क इलाकों में पाए जाते हैं। बेर का फल हरे रंग का होता है और पकने पर लाल हो जाता है। बेर पकने का समय दिसंबर से मार्च तक होता है। यह मुख्यतः शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है। इसे तमिल में नरी एलान्धई और हिंदी में झरबेरी कहा जाता है। बेर की दोनों प्रजातियां दक्षिण एशियाई देशों भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल-के साथ ही अफ्रीका के कुछ हिस्सों में भी पाई जाती हैं। भारत में यह हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में मिलते हैं। बेर का पेड़ मंदिरों में लगाए जाने वाले महत्वपूर्ण पेड़ों में से एक है। बेर का फल भगवान शिव को अर्पण किया जाता है और महाशिवरात्रि के समय इसे बेल के समान ही महत्त्व दिया जाता है।

 

बेर में अनेक औषधीय तत्व

Plum relieves diabetics from tingling of feet: यह फल विटामिन और खनिजों से लबरेज है। इसमें विटामिन के, कैल्शियम, मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। बेर में कुछ जैविक अम्ल भी पाए जाते हैं, जैसे-सक्सीनिक और टार्टरिक अम्ल। बेर में अनेक प्रकार के औषधीय तत्व पाए जाते हैं, जिसकी पुष्टि वैज्ञानिक अनुसंधान भी करते हैं। एक शोध इसके कैंसर-रोधी गुणों की पुष्टि करता है। बेर के गूदे का सेवन मधुमेह की वजह से होने वाले तंत्रिका क्षरण से बचाव करता है। इस बीमारी में पैर और तलवे की धमनियों में तेज दर्द होता है। बेर के इस गुण की पुष्टि इंडियन जर्नल ऑफ बेसिक मेडिकल साइंसेस में प्रकाशित शोध में की गई है।

 

चेचक और खसरे के उपचार में लाभकारी

Plum relieves diabetics from tingling of feet: बेर के पेड़ की छाल और पत्ते का इस्तेमाल चेचक और खसरे के उपचार में लाभकारी है। एक अध्ययन के अनुसार, बांग्लादेश के पारंपरिक वैद्य बेर के पत्तों और छाल को उबालकर उस पानी को पीड़ित व्यक्तियों पर छिड़कते हैं। तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के पारंपरिक वैद्य भी बेर के पत्तों और छाल को उबालकर और उस पानी को नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करने की सलाह देते हैं। इससे बदन दर्द में आराम मिलता है।

दस्त और हैजा के उपचार में सक्षम

Plum relieves diabetics from tingling of feet: एक शोध के अनुसार, इस फल को सुखाकर और पीसकर भी खाया जाता है। बेर के पेड़ की कोंपलों को छांव में सुखाकर इसका पाउडर बनाया जाता है। इस पाउडर को पानी में घोलकर बने मिश्रण का उपयोग विटामिन सी कमी से होने वाले रोग स्कर्वी के उपचार के लिए किया जाता है। एक अध्ययन बताता है कि बेर के पेड़ की छाल का पाउडर घाव के उपचार में कारगर है। बेर के पेड़ की जड़ से बना घोल दस्त और हैजा के उपचार में सक्षम है।

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Uttar Pradesh Secondary Education Council (UP board) : UP बोर्ड कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों को पढ़नी होंगी NCERT सिलेबस पर आधारित किताब

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) (UP) बोर्ड (UP board) के कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों को अब साइंस और आर्ट्स स्ट्रीम की तरह ही NCERT सिलेबस आधारित किताबें पढ़नी होंगी।

 

 

इस शैक्षणिक सत्र से होगा लागू

UP बोर्ड 2,700 से भी अधिक स्कूलों में 01 अप्रैल, 2020 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र (2020-21) से कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के सिलेबस पर आधारित किताब लागू करेगा। इससे पहले केवल साइंस और आर्ट्स के छात्र ही NCERT के सिलेबस पर आधारित किताबें पढ़ते थे। NCERT पाठ्यक्रम की अकाउंटेंसी और बिजनेस स्टडीज की किताबें 11वीं में शुरू की जाएंगी।

ये है (UP board) का आदेश

बोर्ड इस सत्र से 9वीं और 11वीं में अंग्रेजी के लिए NCERT की किताबें भी शुरू करने जा रहा था। UP बोर्ड की सचिव का कहना है कि NCERT आधारित पाठ्यक्रम के लिए 11वीं कॉमर्स के साथ-साथ 9वीं और 11वीं की अंग्रेजी की किताबें भी 02 जनवरी, 2020 तक प्रकाशित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

शुरू हुई तैयारी

बोर्ड ने किताबों के प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने 01 अप्रैल, 2018 को 18 विषयों में NCERT पाठ्यक्रम शुरू किया था।

शुरू हुआ NCERT पाठ्यक्रम

9वीं में साइंस, गणित और सोशल साइंस, 10वीं में गणित और साइंस, 11वीं में हिस्ट्री, जियोग्राफी, नागरिक शास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के अलावा 12वीं में गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में NCERT पाठ्यक्रम शुरू हुआ है। इसके बाद 01 अप्रैल, 2020 से 12वीं में सोशल साइंस के साथ-साथ, हिस्ट्री, जियोग्राफी, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र का NCERT पाठ्यक्रम शुरू हुआ।

इस तिथि तक शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं

2020 में 18 फरवरी, 2020 से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। बोर्ड ने परीक्षाओं के लिए कई बदलाव किए हैं। बोर्ड ने नकल को रोकने के भी कड़े इंतजाम किए हैं।

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शरीर की शुगर को खा जाती है चमत्कारी चिरौंजी, खांसी में भी असरकारक

चिरौंजी मतलब चमत्कार। खाने में स्वादिष्ट आकार में छोटा सा चिरौंजी नामक सूखा मेवा आयुर्वेद की कई दवाओं का आधार होने के साथ ही स्वयं भी छोटे—मोटे वैद्य से कम नहीं है। इसके सेवन से मधुमेह के उन रोगियों का दवाओं से पीछा छूट सकता है जिन्हें खा—खाकर वे थक गए हैं। बिल्कुल ये हम नहीं वर्ष 2010 में इंडियन जर्नल ऑफ ट्रेडिशनल नॉलेज में प्रकाशित एक शोध कह रहा है कि चिरौंजी का इस्तेमाल खांसी के उपचार के लिए और शक्तिवर्धक के तौर पर किया जाता है। चिरौंजी के तेल का उपयोग चर्मरोग के इलाज में भी कारगर है। वर्ष 2013 में ट्रॉपिकल जर्नल ऑफ फार्मास्यूटिकल रिसर्च में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया कि चिरौंजी का नियमित सेवन मधुमेह के रोगियों के रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित रखता है। एनल्स ऑफ बायोलॉजिकल रिसर्च नामक जर्नल में वर्ष 2011 में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, चिरौंजी के फल और छाल से बना लेप सर्पदंश के उपचार में कारगर है। फार्माकॉलॉजी ऑनलाइन जर्नल में वर्ष 2010 में प्रकाशित शोध ने भी चिरौंजी की जड़ से बनी दवा से अतिसार के उपचार की पुष्टि की थी। चिरौंजी खांसी, अतिसार और मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद है। चिरौंजी का इस्तेमाल मेवे की तरह होता है और स्थानीय बाजारों में ऊंची कीमत पर इसे बेचा जाता है।

चिरौंजी के पेड़ मुख्यतः ऊष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के शुष्क इलाकों में पाए जाते हैं। लेकिन उन्हें समुद्र तल से 1,200 मीटर की ऊंचाई तक वाले क्षेत्रों में भी उगाया जा सकता हैं। सदाबहार श्रेणी के चिरौंजी के पेड़ जंगलों में 18 मीटर तक ऊंचे हो सकते हैं। भारत में इसके पेड़ बागानों में भी उगाए जाते हैं।

गाय के दूध में पीसकर पीते हैं आदिवासी

चिरौंजी का वानस्पतिक नाम बुकानानिया लांजन है और अंग्रेजी में ‘आमंडेट’ के नाम से जाना जाता है। चिरौंजी भारत में झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के वाराणसी व मिर्जापुर जिलों में पाया जाता है।
चिरौंजी का फल पियार 4-5 महीने में पकता है और इसे अप्रैल-मई के महीने में तोड़ा जाता है। तोड़ने के बाद हरे रंग का फल काला पड़ जाता है। चिरौंजी निकालने के लिए इस फल को रात भर पानी में डालकर रखा जाता है और इसके बाद जूट के बोरे से रगड़-रगड़कर बीज अलग कर लिया जाता है। इसके बाद इसे पानी से अच्छी तरह से धोकर धूप में सुखाया जाता है।
झारखंड और छत्तीसगढ़ के आदिवासी चिरौंजी का इस्तेमाल घाव के उपचार के लिए करते हैं। चिरौंजी इन आदिवासियों के जीवनयापन का एक बड़ा साधन भी है। उत्तर प्रदेश सोनभद्र के आदिवासी समुदाय के लोग चिरौंजी के पेड़ से गोंद और लाख इकट्ठा करके बाजार में बेचकर आय कमाते हैं। आंध्र प्रदेश के कुछ आदिवासी चिरौंजी के गोंद को गाय के दूध में मिलाकर पीते हैं। उनका मानना है कि इससे गठिया का दर्द दूर होता है। पिछले कुछ दशकों से चिरौंजी की मांग शहरी बाजारों में बढ़ने की वजह से इसका बड़ी मात्रा में संग्रह और पेड़ों की गलत तरीके से छंटाई की वजह से जंगलों में चिरौंजी के पेड़ तेजी से कम हुए हैं।

त्रिदोषहर भी मानता है आयुर्वेद

चरक संहिता, भाव प्रकाश, चक्रदत्त और चिरंजीव वनौषधि के अनुसार चिरौंजी का नियमित सेवन शरीर में कफ, वात और पित्त को नियंत्रित रखता है और खून को भी साफ रखता है। आयुर्वेद में चिरौंजी के तेल से दवाई बनाई जाती है। हृदय रोग और खांसी के उपचार में काम आता है। साथ ही मस्तिष्क के लिए टॉनिक का भी काम करता है।
चिरौंजी के पेड़ की छाल का इस्तेमाल चमड़े की सफाई के लिए किया जाता है। चिरौंजी का पेड़ बड़ी मात्रा में गोंद का उत्पादन करता है। इस गोंद का इस्तेमाल सस्ती औद्योगिक प्रक्रियाओं में किया जाता है। खराब गुणवत्ता के कारण इसकी लकड़ी का इस्तेमाल जलावन के तौर पर या चारकोल बनाने में किया जाता है।

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पति तीन तलाक देता उससे पहले पत्नी ने खड़ी कर दी पति की खटिया, थाने में खूब रोया लेकिन तलाक लेकर ही मानी खातून

तीन तलाक से परेशान मुस्लिम महिलाएं अब आगे बढ़कर खुद तलाक मांगने लगी है। ऐसा ही एक अजीब मामला इन दिनों सामने आया है जिसमें पति तीन तलाक देता उससे पहले पत्नी ही थाने पहुंच गई और तब ही घर लौटने को तैयार हुई जब पति ने तलाक के कागजातों पर हस्ताक्षर कर दिए। उत्तर प्रदेश के मिजार्पुर में एक अजीबोगरीब तलाक का मामला सामने आया जब अदालत में नहीं बल्कि पुलिस ने थाने में पति पत्नी को एक दूसरे से अलग कराया।

थाना परिसर में हुये इस तलाक में पति ने दहेज के सभी सामान सौंप दिये और पुलिस ,पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर से तलाक की कार्यवाही पूर्ण की गयी। इस दौरान दोनों पक्षों के माता-पिता और नाते रिश्तेदार भी मौजूद थे। अपने तरह के अनोखी तलाक की कार्यवाही लालगंज थाने में सम्पन्न हुई। मामला करौदिया गांव का है। करौदिया गांव के दूधनाथ की शादी दो साल पहले मडफा गांव की युवती के साथ हुई थी। दोनों के बीच अनबन चल रही थी। पुलिस ने बताया कि युवती रविवार को प्रार्थनापत्र लेकर आयी और पति से तलाक की मांग की।
दोनों पक्षों के माता-पिता और रिश्तेदारों को बुलाकर समझौते का प्रयास किया गया। पर पत्नी पति के साथ न रहने पर अडिग रही। उसने दहेज में दिया सामान भी वापस मांगा। तलाक के कागजात पर पक्षों के हस्ताक्षर लिए गये।

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धन लेने हरदोई आए अखिलेश यादव को पुलिस ने मार गिराया, जेब से मिली है पिस्तौल

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन के तहत हरदोई जिले के सुरसा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में कुख्यात सुपारी किलर अखिलेश यादव मारा गया।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया मारा गया बदमाश बदायूं जिले का रहने वाला अखिलेश यादव है। यह बदमाश भाड़े पर हत्या करता था। इस अपराधी ने वर्ष 2016 में ब्लॉक प्रमुख संजय मिश्रा की पैसे लेकर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्होंने बताया कि ब्लॉक प्रमुख की हत्या के मामले में जेल से जमानत पर छूटने के बाद मुकदमे के गवाहों को धमकाने और मृतक ब्लाक प्रमुख के परिवार वालों से धन उगाही करने के लिए शातिर बदमाश हरदोई पहुंचा था।

उन्होंने बताया कि सूचना पर सुरक्षा थाने की पुलिस और स्वाट टीम ने रविवार रात तुंदवल गांव के पास बाइक सवार बदमाश की घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरा देख उसने पुलिस पर फायर कर दिया और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की जिसमें शातिर बदमाश अखिलेश घायल हो गया। बदमाश द्वारा चलाई गई गोली एक पुलिस उपनिरीक्षक भी घायल हुआ है। दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेज दिया, जहां कुछ देर बाद शातिर अपराधी अखिलेश की मृत्यु हो गई। प्रियदर्शी ने बताया कि बदमाश के पास से एक पिस्टल दो मैगजीन और मोटसाइकिल मिली है।
उधर उत्तर प्रदेश के ही गाजियाबाद के इन्दिरापुरम क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में दो इनामी बदमाश घायल हो गये, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविवार रात करीब सवा नौ बजे इन्दिरापुर इलाके में हुई पुलिस मुठभेड़ में बाइक सवार 25-25 हजार रुपये के दो इनामी बदमाश घायल हो गये,जिन्हें गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गये बदमाशों में इन्दिरापुरम इलाके का महाबीरनगर निवासी शनि जाटव और दूसरा मुजफ्फनगर के तितावी इलाके का अमीरगर का रहने वाला आकाश जाटव है। घायल बदमाशों को अस्पताल भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों के पास से दो तमंचे, कारतूस के अलावा बाइक बरामद की गई। दोनों शातिर लुटेरे हैं और इनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इनकी गिरफ्तारी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस को काफी समय इन बदमाशों की तलाश थी।

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घाघरा में धान की कटाई करने घुसे थे, अचानक 18 लोग डूबे

उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर जिले के धनघटा क्षेत्र अंतर्गत घाघरा नदी में शनिवार सुबह डोंगी पलट जाने से चार महिलाओं समेत 18 लोग डूब गए। डूबने वाली महिलाएं लापता हैं जबकि 14 लोग तैरकर बाहर आ गए।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि धनघटा क्षेत्र के बालमपुर और चपरापूर्वी गांव के 18 लोग डोंगी नाव पर सवार होकर घाघरा नदी के दो भागों में विभक्त रेता में बोई गई धान की फसल की कटाई करने जा रहे थे। उसी दौरान नाव पलट गई और सभी लोग डूब गए। 14 लोग तैरकर बाहर आ गए जबकि दो महिलाएं चपरा पूर्वी की और दो बालमपुर की लापता हो गई। तहसीलदार वंदना पांडेय ने बताया कि बालमपुर की माया (28), रेखा (28) और चपरा पूर्वी की रूपा (27), कविता (18) वर्ष लापता हो गई है जिनकी तलाश स्थानीय गोताखोर करने में जुट गए हैं। जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, एसपी ब्रजेश सिंह, एसडीएम प्रमोद कुमार, सीओ एके पांडेय, इंस्पेक्टर रणधीर मिश्र आदि मौके पर है।

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पुख्ता सबूत मिल गए थे फिर भी सीबीआई ने इसलिए नहीं माना आरोपी!

जिस ट्रक ने उत्तरप्रदेश के उन्नाव की बलात्कार पीड़िता का एक्सीडेंट करके उसे मौत के घाट उतारने का प्रयास किया था, उसके तार बलात्कार के आरोपी भाजपा से नि​ष्कासित विधायक कुलदीप सैंगर से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिलने के बावजूद सीबीआई ने उसे इस मामले का आरोपी बनाने से इनकार कर दिया है। सीबीआई ने जो चार्जशीट पेश की है, उसमें कुलदीप सैंगर का नाम नहीं है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 28 जुलाई को रायबरेली के थाना गुरुबख्शगंज के अंतर्गत कार ट्रक भिड़ंत को सीबीआई ने सड़क हादसा बताया है। उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे में सीबीआई ने चार्जशीट फाइल कर दी है।

इस हादसे में रेप पीड़िता और उसके वकील को गंभीर चोट आई थी, जबकि इस दुर्घटना में पीड़िता के एक परिजन की मौत हो गई थी। सेंगर और ड्राइवर आशीष कुमार पाल को सीबीआई ने आरोपी बनाया है। मामले में कुलदीप सिंह सेंगर और उसके सहयोगियों के खिलाफ सीबीआई के आरोपपत्र में हत्या का कोई आरोप शामिल नहीं किया गया है।

ड्राइवर आशीष कुमार पाल को आईपीसी की धारा 304-ए, 338 और 279 के तहत आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट लखनऊ में दाखिल हुई। कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य आरोपियों पर 120 बी के तहत आरोप लगाए गए हैं। गौरतलब है कि जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही दुष्कर्म पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। यह घटना 28 जुलाई की है।

इस हादसे में पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी, जबकि पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़िता के परिजनों ने इसे हादसे के पीछे कुलदीप सिंह सेंगर का हाथ लगाते हुए हत्या और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया था। विदित हो कि पीड़िता को उपचार के लिए गंभीर हालत में एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता को 25 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी मिली थी।