Categories
National

Rahul ने पुण्यतिथि पर राजीव गांधी को किया नमन

नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर नमन करते हुए उन्हें दूरदृष्टि वाला ऐसा नेता बताया जिन्होंने देश को सशक्त बनाने में अहम योगदान दिया है।

गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए कहा “एक सच्चे देशभक्त, उदार और परोपकारी पिता का पुत्र होने पर मुझे गर्व है। प्रधानमंत्री के रूप में राजीव जी ने देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया। अपनी दूरंदेशी से देश के सशक्तीकरण के लिए उन्होंने ज़रूरी कदम उठाए।आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं स्नेह और कृतज्ञता से उन्हें सादर नमन करता हूँ।”

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा “भारत को तकनीकी दृष्टि से मजबूत व समृद्ध बनाने की सोच रखने वाले, प्रगतिशील विचार व सज्जनता के प्रतीक, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे युवा प्रधानमंत्री, भारत रत्न राजीव गांधी जी को उनकी पुण्यतिथि पर शत शत नमन।”

Categories
National

राहुल-प्रियंका ने औरैया हादसे पर जताया गहरा शोक

नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश के औरैया में सड़क हादसे में दिल्ली और राजस्थान से लौट रहे 24 मजदूरों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

गांधी ने ट्वीट कर कहा, “उत्तर प्रदेश के औरैया   में सड़क हादसे में 24 मजदूरों की मौत और अनेक लोगों के घायल होने की खबर से आहत हूं। मृतकों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

श्रीमती वाड्रा ने कहा “इस हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि आख़िर सरकार क्या सोचकर इन मजदूरों के घर जाने की समुचित व्यवस्था नहीं कर रही है।

प्रदेश के अंदर मजदूरों को ले जाने के लिए बसें क्यों नहीं चलाई जा रही हैं। या तो सरकार को कुछ दिख नहीं रहा या वह सब कुछ देख के भी अनजान बनी हुई है। क्या सरकार का काम सिर्फ बयानबाजी करना रह गया है।”

उन्होंने राज्य सरकार को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि बयानबाजी करने की बजाय सरकार सभी मृतकों के पार्थिव शरीरों को सम्मानपूर्वक उनके परिवार वालों तक पहुँचाये और सभी घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करे। उन्होंने मारे गये लोगों के परिजनों तथा घायलों को आर्थिक मदद देने की मांग की है।

Categories
National

राफेल पर झूठ के लिये पूरे देश से माफी मांगे राहुल ,योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद राफेल विमान खरीद में झूठ बोलने के लिये आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा ।

मुख्यमंत्री ने यहां संवाददताओं से कहा कि राफेल विमान खरीद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुये लगातार झूठ बोला और देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश की । उन्होंने अपने झूठ में उस देश के प्रधानमंत्री का भी जिक्र कर दिया जहां से विमान खरीदा गया है।

उन्होंनें सवाल उठाया कि इस तरह पूरे देश से झूठ बोलने वाला व्यक्ति क्या जनप्रतिनिधि होने लायक है । उन्होंने कहा कि अपने झूठ के लिये राहुल गांधी को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिये ।

Categories
National

सात सौ वर्ष पहले लिए गए मुहम्मद बिन तुगलक के इस निर्णय की याद आते ही आज भी कांप उठती है भारत की रूह

सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक़ का नाम तो आप सबने इतिहास की पुस्तकों में अवश्य पढ़ा होगा। उसके वर्ष 1330 में लिए गए एक निर्णय को याद करके आज भी भारत की रूह कांप उठती है। उसने रातों—रात अचानक अपनी प्रजा को कंगाल कर दिया था क्योंकि उसने अपनी मुद्रा को बेकार घोषित कर दिया था। 21वीं शताब्दी में तीन साल पहले लिए एक ऐसे ही निर्णय की वजह से कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तुगलक साबित करने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबन्दी की तीसरी सालगिरह पर कहा है की देश पर नोटबंदी का आतंकी हमला करने वाले गुनाहगारों को अभी कटघरे में खड़ा नहीं किया गया और देश की जनता को इस अन्याय से अभी न्याय नहीं मिला है।
गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट किया “तीन साल पहले आज ही के दिन नोटबंदी की गयी थी जिसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई, कई लोगों की जानें गई, लाखों छोटे-मोटे कारोबारी बर्बाद हो गये लाखों भारतीय बेरोजगार हुए। जिन लोगों ने देश पर यह घातक हमला किया उन गुनाहगारों को अभी कटघरे में खड़ा नहीं किया गया और देश की जनता को इस अन्याय से अभी न्याय नहीं मिला है।।”
इस बीच, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, “नोटबंदी को तीन साल हो गए। सरकार और इसके नीम हक़ीमों द्वारा किये गये ‘नोटबंदी- सारी बीमारियों का शर्तिया इलाज’ के सारे दावे एक-एक करके धराशायी हो गए।”
उन्होंने नोटबंदी को एक आपदा बताया और कहा “नोटबंदी एक आपदा थी जिसने हमारी अर्थव्यवस्था नष्ट कर दी। इस ‘तुग़लकी’ कदम की जिम्मेदारी अब कौन लेगा।”

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि तीन साल पहले लिए गए इस फैसले की सजा देश आज भी भगुत रहा है। उन्होंने कहा “सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक़ ने वर्ष 1330 में देश की मुद्रा को बेकार कर दिया था। आठ नवंबर, 2016 को आज के समय के तुग़लक़ ने भी यही किया। तीन साल बीत गए पर देश अभी भी इसकी भुगत रहा है क्योंकि-अर्थव्यवस्था चौपट हो गई, रोजगार खत्म हो गया और न आतंकवाद रुका, न जाली नोटो का कारोबार, फिर कौन है इसका जिम्मेदार?”

कांग्रेस ने नोटबन्दी के तीन साल पूरे होने पर शुक्रवार को मोदी सरकार की नीतियों के विरोध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सामने जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राजधानी के संसद मार्ग स्थित रिजर्व बैंक कार्यालय के सामने सुबह में प्रदर्शन किया। ये कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लिए मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं और नोटबन्दी से प्रभवित आम आदमी भी शामिल थे। प्रदर्शनकारी देश की खराब अर्थव्यस्था के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे आठ नवंबर को अपने जीवन मे भूल नही सकते है क्योंकि उन्हें नोटेबन्दी का दंश झेलना पड़ा था। नोटेबन्दी से लाखों नौकरियां चली गयी और आर्थिक विकास प्रभावित हुआ। असंगठित क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए और कई छोटी कम्पनियां बर्बाद हो गई।

Categories
National

राहुल गांधी ने त्यागपत्र देकर एक से एक दिग्गज नेताओं से त्यागपत्र दिलाने का सिलसिला शुरू किया है- राजनाथ

नयी दिल्ली । कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने एवं इस्तीफा दिलाने के आरोपों से इन्कार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज संसद में कटाक्ष किया कि कांग्रेस में त्यागपत्र देने का सिलसिला राहुल गांधी ने शुरू किया है जिसका भाजपा से कोई लेना देना नहीं है।

लोकसभा में शून्यकाल आरंभ होते ही सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह मामला उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र साजिश का शिकार हो गया है।ध्यप्रदेश एवं कर्नाटक की सरकार में दलबदल कराया जा रहा है। केन्द्र सरकार गुप्त तरीके से साजिश कर रही है। भाजपा को पसंद नहीं है कि विपक्षी दलों की सरकार किसी राज्य में चले। ये बहुत चिंता की बात है।

चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों को राज्यपाल के कार्यालय से सुनियोजित ढंग से कारों के जरिये हवाईअड्डे ले जाया गया और फिर वहां से भाजपा के एक सांसद के चार्टर्ड विमान से मुंबई ले जाकर एक पांच सितारा होटल में रखा गया है। यह सब कुछ पूर्वनियोजित ढंग से कराया गया है। केन्द्र सरकार कहती है कि ये लोकतंत्र में विश्वास करती है लेकिन ये तो लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है। उन्होंने कहा, “आपके 303 सांसद जीत गये लेकिन आपका पेट नहीं भरा। आपका पेट कश्मीरी गेट हो गया है।”चौधरी के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सदन के उपनेता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस विषय पर बोलेंगे। इस पर विपक्ष के सदस्यों ने मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में माैजूद हैं, तो उन्हीं को जवाब देना चाहिए। पर जोशी ने कहा कि सिंह सदन के उपनेता हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि कर्नाटक में जो कुछ भी हो रहा है। उससे उनकी पार्टी का कुछ भी लेना देना नहीं है। उनकी पार्टी का ऐसा कोई इतिहास नहीं है कि किसी दूसरी पार्टी के विधायकों/ सांसदों पर दबाव डाल कर इस्तीफा दिलवाया हो। भाजपा संसदीय गरिमा को बनाये रखने को लेकर हमेशा से प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में त्यागपत्र दिलाने का सिलसिला हमने नहीं शुरू किया। राहुल गांधी ने त्यागपत्र देकर एक से एक दिग्गज नेताओं से त्यागपत्र दिलाने का सिलसिला शुरू किया है। भाजपा का इससे कोई लेना देना नहीं है।

सिंह के जवाब से कांग्रेस के सदस्य उत्तेजित हो गये। उन्होंने अपनी अपनी सीटों पर खड़े हाे कर ‘लोकतंत्र बचाओ’ के प्लेकार्ड उठाकर सरकार के विरुद्ध नारे भी लगाये। इसी शोरशराबे के बीच अध्यक्ष आेम बिरला ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के टी आर बालू का नाम पुकारा। बालू ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) के पाठ्यक्रम की एकरूपता को लेकर सवाल उठाये और कहा कि तमिलनाडु में कुछ लड़कियों ने आत्महत्या भी की है। शोर शराबे में उनकी बात साफ नहीं सुनायी दी। उन्होंने सरकार ने जवाब चाहा लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं तो द्रमुक के सारे सदस्य सदन के बहिर्गमन कर गये। अध्यक्ष ने इसके साथ ही भोजनावकाश के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

Categories
National

राहुल गांधी ने किया आत्मसमर्पण, फिर जमानत पर मुक्त

पटना। मानहानि के एक मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया, जहां आरोप का सारांश सुनाने के बाद उन्हें जमानत पर मुक्त कर दिया गया।

सांसदों एवं विधायकों के मामले की सुनवाई के लिए गठित विशेष न्यायालय के न्यायाधीश कुमार गुंजन की अदालत में आत्मसमर्पण करने के साथ ही गांधी की ओर से उन्हें जमानत पर मुक्त किये जाने की प्रार्थना की गई थी। याचिका पर बहस पटना उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता शशि अनुग्रह नारायण ने की।

मामले के शिकायतकर्ता बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की ओर से पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रमोद कुमार झा अदालत से निवेदन किया कि गांधी न्यायालय में सशरीर उपस्थित हैं इसलिए आज ही उन्हें आरोप का सारांश सुना दिया जाये और आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाये। अदालत ने शिकायतकर्ता की प्रार्थना स्वीकार की और खुली अदालत में गांधी को उनपर लगाये गये मानहानि के आरोपों का सारांश अंग्रेजी में पढ़कर सुनाया।

Categories
Off Beat

कांग्रेस ने खोज निकाले पाटी को चुनाव हरवाने वाले गद्दार, अब नपेगी इन वरिष्ठ नेताओं की गर्दन

राजनीतिक संवाददाता
नई दिल्ली. इतिहास की सबसे करारी पराजय के बाद उपजी परिस्थितियों से जूझ रही कांग्रेस ने उन गद्दारों को खोज निकाला है जिन्होंने पार्टी को हराने के लिए अंदरखाने काम किया था। कार्यसमिति की पिछले दिनों हुई बैठक में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले इन वरिष्ठ नेताओं को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यह कहकर चौंका दिया था कि वे जानती हैं कि कांग्रेस के हत्यारे इसी कमरे में बैठे हैं।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार शनिवार को यहां हुई कार्य समिति की बैठक में प्रियंका ने कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया और बैठक में मौजूद पार्टी के कुछ शीर्ष नेताओं पर उनका लिए बरसते हुए कहा,“कांग्रेस के हत्यारे इसी कमरे में बैठे हैं।”
सूत्रों ने बताया कि प्रियंका ही नहीं पूरा गांधी परिवार इन नेताओं की काम करने की शैली से नाराज है। करीब चार घंटे चली बैठक में इसी नाराजगी का इजहार करते हुए सोनिया गांधी ने एक शब्द नहीं बोला। उनकी चुप्पी भी इशारा कर रही थी कि पार्टी को कमजोर करने में उनके ही कुछ नजदीकी लोग शामिल है।

सूत्रों ने बताया कि प्रियंका का गुस्सा तब फूटा जब राहुल गांधी ने बैठक में मौजूद कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाम लिए और कहा कि उन्होंने अपने बेटों को टिकट देने के लिए दबाव बनाया था लेकिन चुनाव के समय जो संकट सामने था पार्टी को उससे बाहर निकालने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया।

सूत्रों ने यह भी कहा कि गांधी को एक महीने तक उनके इस्तीफे के कदम के बारे में विचार करने की राय भी प्रियंका ने ही दी थी। यहां तक कहा जा रहा है कि पिछले दो दिन से वह गांधी के संपर्क में हैं और उन्होंने कुछ काग्रेस नेताओं की कार्यशैली पर अपनी नाराजगी दर्ज की है। पिछले दो दिन से सोनिया गांधी, राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी समिति की बैठक के बाद पैदा हुई राजनीतिक स्थिति पर लगातार परस्पर विचार विमर्श कर रहे हैं। राहुल गांधी ने आवास पर मिलने आए पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इन नेताओं में श्रीमती सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट तथा पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल शामिल थे।

Categories
National

इसलिए राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वाड्रा की जमानत रद्द करवाना चाहता है प्रर्वतन निदेशालय

नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा को धन शोधन मामले में मिली अग्रिम जमानत को प्रर्वतन निदेशालय(ईडी) की ओर से रद्द करने की मांग पर सोमवार को नोटिस जारी करके उनसे 17 जुलाई तक जवाब मांगा।

वाड्रा से जुड़े मामलों की जांच कर रहे ईडी ने न्यायालय में दायर याचिका में कहा कि जमानत को रद्द करना मामले की जांच की दृष्टि से उचित रहेगा। उसने साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ किये जाने की आशंका व्यक्त करते हुए धन शोधन मामले में सह आरोपी एवं वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा को मिली अग्रिम जमानत को भी चुनौती दी।


ईडी ने पूछताछ में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए वाड्रा को हिरासत में दिये जाने की मांग की है। उसने कहा कि धन शोधन मामले की पूरी सच्चाई का पता लगाने के लिए वाड्रा से पूछताछ करना आवश्यक है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ईडी का पक्ष रखते हुए कहा, “वाड्रा ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया अत: यह आवश्यक है कि उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।” न्यायमूर्ति चंद्र शेखर ने दोनों को नोटिस जारी करके 17 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।


इससे पहले निचली अदालत ने एक अप्रैल को वाड्रा और उनके सहयोगी मनोज को अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़कर नहीं जाने,जांच में सहयोग करने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने की शर्त पर अग्रिम जमानत दी थी। दोनों ने अग्रिम जमानत के लिए पांच लाख रुपये का बांड और इतनी की राशि का मुचलका भरा था।

ईडी का आरोप है कि वाड्रा के लिए लंदन में 19 लाख पाउंड की संपत्ति खरीदी गई थी, लेकिन उन्होंने अपने आयकर रिटर्न में इसका खुलासा नहीं किया। इस मामले में ईडी 58 घंटे से ज्यादा वाड्रा से पूछताछ कर चुकी है। वाड्रा के अलावा इस मामले में ईडी ने कई और लोगों से पूछताछ की थी। फिलहाल दोनों आरोपी जमानत पर हैं।

Categories
Off Beat

नरेन्द्र मोदी से ज्यादा चतुर निकले राहुल गांधी, माफी मांगकर निकाली मोदी के दावे की हवा

सोशल मीडिया पर एक विशेष छवि में कैद कर दिए गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ज्यादा चतुर निकले और उन्होंने अदालत में माफी मांगकर भी अपना वह मकसद पूरा कर लिया जिसके लिए वे पूरे देश में चौकीदार चोर का अभियान छेड़े हुए हैं। असल में पिछले दो साल से राफेल लड़ाकू विमान सौदे में घोटाले का आरोप लगाते आ रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अभियान को दिसम्बर को 2018 में तब बड़ा झटका लगा, जब सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय बैंच ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे में प्रक्रियागत खा​मी के आरोपों को खारिज कर अपनी निगरानी में सौदे की जांच कराने से इनकार कर दिया।

शीर्ष अदालत के इस ​इनकार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा भाजपा ने सुप्रीमकोर्ट की क्लीन चिट के रूप में प्रचारित किया और कांग्रेस पर झूठ बोलने के आरोप लगाए। सुप्रीमकोर्ट के इनकार के बाद राहुल गांधी का अभियान झटके खा ही रहा था कि अचानक सुुप्रीमकोर्ट ने पुराने फैसले पर पुनर्विचार के लिए पेश याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए सरकार के इस तर्क को अस्वीकार कर दिया कि याचिका चोरी के दस्तावेजों के आधार पर पेश हुई है और कोर्ट इसकी सुनवाई नहीं कर सकता। कोर्ट के याचिका स्वीकार के आदेश लोकसभा चुनाव अभियान के बीच में आए और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर इसे सुप्रीमकोर्ट के निर्णय के ​रूप में प्रचारित कर दिया। जिसके खिलाफ भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने याचिका दायर कर राहुल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर डाली।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुकाबले राजनीतिक रणनीति बनाने में नौसिखुुआ माने जाने वाले राहुल गांधी ने बड़ी ही चतुराई से पहले एक हलफनामा देकर कोर्ट को यह तर्क दिया कि उन्होंने ये टिप्पणी प्रधानमंत्री की ओर से क्लीनचिट प्रचारित करने के आधार पर की थी। इस हलफनामे ने मीडिया में सुर्खियां भी पाई और प्रधानमंत्री को मजबूरन अपने भाषणों में सुप्रीमकोर्ट की क्लीनचिट का उल्लेख बंद करना पड़ा। उधर राहुल ने उतनी ही तेजी से सभाओं में चौकीदार चोर का नारा लगवाना शुरू कर दिया। हालांकि पहले हलफनामे पर राहुल को अदालत की नाराजगी झेलनी पड़ी लेकिन वह राफेल विमान सौदे में क्लीन चिट मामले में भाजपा को घेरने में सफल हो गए। बस इसके बाद बुधवार को राहुल ने शीर्ष अदालत में दाखिल नये हलफनामे में न्यायालय का हवाला दिये जाने को लेकर बिना शर्त माफी ली।


शीर्ष अदालत अब राफेल मामले में पुनर्विचार याचिकाओं के साथ-साथ अवमानना मामले पर एक साथ सुनवाई करेगी। गांधी ने राफेल मामले में केंद्र सरकार की प्रारम्भिक आपत्तियों को खारिज करने के न्यायालय के फैसले के बाद अमेठी में मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि अब तो न्यायालय ने भी मान लिया है कि ‘चौकीदार चोर है। इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी सांसद मीनाक्षी लेखी ने अदालत की अवमानना का मामला दर्ज कराया था।

Categories
Off Beat

कहां से आएगा 72000 वाली ‘न्याय’ स्कीम के लिए इतना पैसा, राहुल गांधी ने कहा- इनसे वसूलेंगे और जनता में बांट देंगे

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने चुनाव घोषणा—पत्र में ‘न्याय’ स्कीम का वादा किया है। इसके तहत 72000 हजार रुपए सालाना दिए जाएंगे। यानी कि एक महीने के कम से कम 6000 रुपए। इस लोकलुभावन योजना से पूरा देश चौंक गया। हर कोई ये ही बात करने लगा कि ये कैसे होगा।

 

एजेंसी के हवाले से वायरल हुई एक खबर के मुताबिक राहुल गांधी ने असम के बोखाखाट इलाके में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जो पैसा अनिल अंबानी, नीरव मोदी, विजय माल्या, मेहुल चौकसी ने उड़ाया है, उनसे वसूली की जाएगी और वो पैसा जनता को ‘न्याय’ के तहत बांट दिया जाएगा। भले ही यह बात राहुल ने मजाक में कही हो, लेकिन लगता है ये ही सच है। इसके बाद सैम पित्रोदा ने संकेत दिया कि न्याय के लिए पैसे का जुगाड़ करने के लिए आम आदमी को थोड़ा कष्ट सहना होगा। मतलब आम आदमी पर और टैक्स लगाकर पैसा जुटाया जाएगा। बाद में राहुल गांधी ने कहा, नहीं आम आदमी पर टैक्स नहीं लगाएंगे।

ठीक ऐसा ही वादा नरेन्द्र मोदी सरकार ने भी किया था। हालांकि उनका कहने का तरीका अलग था। मोदी ने एक रैली में कहा था कि अगर देश का सारा कालाधन वापस लौट आए तो हर भारतीय के खाते में 15 लाख रुपए आ सकते हैं। और वहां मौजूद जनता से सवाल भी पूछा,’ आने चाहिए कि नहीं’। बस यहीं से इस बात का जिक्र होना शुरू हो गया कि सबके खाते में 15 लाख रुपए आएंगे। बीजेपी ने वादा किया है।

हालांकि खुद बीजेपी ने भी लंबे समय तक यह साफ नहीं किया कि ये वादा था या कोई जुमला। अमित शाह ने जरूर एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में कहा था कि 15 लाख देने की बात कहना तो ‘जुमला’ था। इसके बाद तो कांग्रेस ने मोदी के कार्यकाल में हजारों बार जुमला के नाम पर बीजेपी की टांग खींची।

कुल मिलाकर यही निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि पहले बीजेपी ने 15 लाख और अब कांग्रेस के 72000, चुनावी वादे ही लगते हैं।