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मजदूरों के घाव पर नमक छिडक रही है योगी सरकार : कांग्रेस

नयी दिल्ली । कांग्रेस ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रवासी मजदूरों के साथ असंवेदनशीलता के साथ पेश आ रही है तथा उन्हें घर भेजने के लिए बसों का इंतजाम करने के कांग्रेस के प्रयास का सहयोग नहीं कर रही है और पीडितों के घाव पर मरहम लगाने की बजाय नमक छिड़क रही है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला तथा पार्टी नेता राजीव शुक्ला ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली होती है तो उत्तर प्रदेश सरकार हजारों बसें लोगों को रैली में लाने के लिए लगा देती है लेकिन जब राज्य के थके हारे, भूखे प्यासे और बेरोजगारी से पीडित होकर पैदल अपने घर जाने को मजबूर मजदूरों काे उनके घर पहुंचाने की बात आती है तो यही सरकार हाथ खडा कर देती है और यदि कांग्रेस इस काम में आगे आती है तो उसे भी यह काम नहीं करने दिया जाता है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार को गरीब मजदूरों की व्यथा नजर नहीं आ रही है और मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा है। मोदी ने चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन की घोषणा कर देते हैं और इसका खामियाजा देश के प्रवासी मजदूरों को भुगतना पड रहा है। करीब दो महीने से असहनीय पीडा का सामाना कर रहे ये मजदूर जब मजबूर होकर अपने घर जाने के लिए रास्ते में हैं तो उनकी सुध नहीं ली जा रही है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि योगी सरकार ने मजदूरों को बेसहरा छोड़ दिया है इसलिए कांग्रेस उनकी सेवा के लिए आगे आयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा नर सेवा ही नारायण सेवा की बात करते रहे हैं लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि उन्हें पैदल चल रहे मजदूरों, महिलाओं और बच्चों की पीड़ा, व्यथा और बेहाली उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को नजर नहीं आती है।प्रवक्ता ने कहा कि मजदूरों की यह व्यथा असहनीय थी इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आह्वान पर प्रवासी श्रमिकों का रेल किराया वहन करने के लिए पार्टी आगे आई। पार्टी की उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा एवं कांग्रेस ने मजदूरों के लिए 1000 बसों का इंतजाम किया लेकिन उत्तर प्रदेश शासन ने इसके लिए इजाजत नहीं दी और कई शर्ते लगा दी जिसके कारण मजदूरों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

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भारत बनेगा विश्व का आकर्षक विनिर्माण केन्द्र

नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को माना कि प्रवासी मजदूरों के देशव्यापी घरवापसी से कोरोना विषाणु के संक्रमण फैलने तथा उद्योगों के पुन: चालू होने की राह में चुनौती आयेगी लेकिन सरकार के उपायों से देश इन चुनौतियों से आगे बढ़ेगा और विश्व में एक आकर्षक विनिर्माण केन्द्र के रूप में उभरेगा।

भाजपा के आर्थिक मामलों के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने यहां संवाददाताओं से एक संवाद कार्यक्रम में यह बात कही। श्री अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के लिए मार्च से ही लगातार अनेक कदम उठाये हैं और तेजी से बदल रही परिस्थितियों की दिन-प्रतिदिन के हिसाब से समीक्षा करके चरणबद्ध ढंग से नये नये फैसले तुरंत कर रही है।

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‘मृतकों के परिवारों को मिलेगी एक लाख रूपये की सहायता’

लखनऊ।समाजवादी पार्टी(सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के औरैया में दिल दहला देने वाली घटना में 24 मजदूरों की मृत्यु पर दुख व्यक्त करते कहा कि सपा मृतकों के परिजनों को एक लाख रूपये की सहायता देगी।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) सरकार से मृतकों के परिजनों को दस लाख रूपये दिये जाने की मांग करते हुये कहा ऐसे हादसे मजदूरों की हत्या है। भाजपा को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिये। कुछ लोग सब कुछ जानकर, सब कुछ देखकर मौन साधे है। इसमें ऐसे है जो अपना घर चलाते है।

यादव ने शनिवार को ट्वीटकर कहा “उप्र के औरैया में सड़क हादसे में 24 से भी अधिक ग़रीब प्रवासी मज़दूरों की मौत पर अवर्णनीय दुख. घायलों के लिए दुआएँ। सबकुछ जानकर… सब कुछ देखकर भी… मौन धारण करनेवाले हृदयहीन लोग और उनके समर्थक देखें कब तक इस उपेक्षा को उचित ठहराते हैं। ऐसे हादसे मृत्यु नहीं हत्या हैं।”

यादव ने कहा “घर लौट रहे प्रवासी मज़दूरों के मारे जाने की ख़बरें दिल दहलानेवाली हैं. मूलत: ये वो लोग हैं जो घर चलाते थे. इसलिए समाजवादी पार्टी प्रदेश के प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 लाख रु की मदद पहुँचाएगी।
नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए निष्ठुर भाजपा सरकार भी प्रति मृतक 10 लाख रु की राशि दे। ”

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ऐसी पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहिए जिसमें जंग न लगा हो-अमित शाह

लोहरदगा । केंद्रीय गृहमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने झारखंड के लोगों से एक बार फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान करते हुए आज कहा कि यदि पार्टी दुबारा सत्ता में आई तो विकास के लंबित कार्यों को पूर्ण करेगी।

शाह ने यहां बी. एस. कॉलेज मैदान में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लोहरगा अपने धातु भंडार के लिए जाना जाता है इसलिए यहां के लोगों को वैसी पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहिए जिसमें जंग न लगा हो। पिछले पांच साल में भाजपा सरकार ने झारखंड के विकास के लिए काम किया है यदि इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा दुबारा सत्ता में आई तो विकास के लंबित पड़े सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे।

भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस और हमला करते हुए कहा कि जब तक कांग्रेस सत्ता में रही तबतक झारखंड राज्य का गठन नहीं हो सका लेकिन जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी तब यह संभव हुआ। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने वैसे लोगों से हाथ मिला लिया जो केवल सत्ता में आने के लिए युवओं पर गोली चलाने के आदेश देते हैं।

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झारखंड पर पांच साल तक अपराधियों ने शासन किया! इस रिपोर्ट में है पूरी डिटेल!

अगर आपको देश को एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स और झारखंड इलेक्शन वाच की रिपोर्ट पर भरोसा है तो जान ​लीजिए कि झारखंड में बीते पांच साल अपराधियों ने शासन किया। राज्य विधानसभा के 38 विधायकों के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले और 11 के खिलाफ अन्य तरह के मामले पेंडिंग हैं और विभिन्न अपराधों के इन्हीं आरोपियों ने प्रदेश के लिए न सिर्फ बजट पास किया बल्कि कई कानून भी बनाए। झारखंड विधानसभा के 79 विधायकों में से 49 यानी 62 प्रतिशत विधायक आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं और उनमें से 38 के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं।

भारतीय जनता पार्टी के मनीष जायसवाल सबसे अमीर विधायक हैं और उनकी कुल संपत्ति 18 करोड़ रुपए से ज्यादा है जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर कांग्रेस के देवेंद्र कुमार सिंह तथा आलमगीर आलम हैं जिनकी कुल संपत्ति 10 करोड़ और छह करोड़ रुपए से अधिक है।
एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म तथा झारखंड इलेक्शन वाच की एक रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के 36 विधायकों में से 11 आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं जबकि कांग्रेस के आठ विधायकों में से पांच आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा के 18 विधायकों में से 11 आपराधिक पृष्ठभूमि हैं। झारखंड विकास मोर्चा के आठ में से पांच विधायक आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं।

 

रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान विधायकों में से तीन के खिलाफ हत्या के मामले दर्ज हैं जबकि 10 के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 79 में से 41 यानी 52 प्रतिशत करोड़पति हैं जिनमें भाजपा के 21 तथा झामुमो के नौ, कांग्रेस के पांच तथा झाविमो के तीन सदस्य करोड़पति हैं। इन विधायकों की औसत संपत्ति 1.84 करोड़ रुपए है।

विधानसभा के नौ सदस्यों ने अभी तक अपनी आय घोषित नहीं की है इनमें अमित कुमार मंडल की कुल संपत्ति पांच करोड़ 49 लाख से ज्यादा है लेकिन उन्होंने आयकर फाइल नहीं किया है। हलफनामे में 28 विधायकों ने अपनी शिक्षा के बारे में जानकारी दी है और उनकी शिक्षा आठवीं से 12वीं उत्तीर्ण हैं जबकि 50 विधायक स्नातक हैं।

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महाराष्ट्र की सत्ता के लिए गड़करी पर डोरे डाल रही है कांग्रेस, पटेल पहुंचे गडकरी के द्वार

महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच जारी रस्साकसी के बीच कांग्रेस ने सत्ता की आस में मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री नितिन गड़करी पर डोरे डालना शुरू कर दिया है। इसी सिल​सिले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के भरोसेमंद सहयोगी अहमद पटेल ने बुधवार को यहां केन्द्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी से मुलाकात की।

कांग्रेस में पर्दे के पीछे के समीकरणों को सेट करने में माहिर पटेल ने हालांकि बाद में कहा कि उन्होंने गडकरी के साथ बातचीत में महाराष्ट्र राजनीति के बारे में कोई चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा, “मैंने महाराष्ट्र का ‘म’ तक नहीं कहा।” पटेल ने कहा, “गडकरी से मेरी मुलकात महाराष्ट्र की राजनीति के बारे में नहीं थी। मैं केन्द्रीय मंत्री के पास महाराष्ट्र के किसानों के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए गया था।” गडकरी और पटेल की मुलाकात का महत्व इस बात से और बढ़ गया है कि गडकरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का करीबी माना जाता है और शिवसेना के नेताओं ने इस गतिरोध के समाधान के लिए संघ के नेतृत्व एवं गडकरी की मध्यस्थता का आग्रह किया है।

महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर शिवसेना एवं भाजपा में जारी खींचतान के बीच गडकरी के निवास पर सोमवार को दो महत्वपूर्ण बैठकें हुईं हैं। भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह और महाराष्ट्र के निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने गडकरी के साथ चर्चा की थी। उधर कांग्रेस के खेमे में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के बीच भी महाराष्ट्र की स्थिति पर मंत्रणा हुई थी।

महाराष्ट्र विधानसभा के 21 अक्टूबर काे हुए चुनाव का 24 अक्टूबर को परिणाम आया जिसमें भाजपा-शिवसेना गठबंधन को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ है। लेकिन शिवसेना मुख्यमंत्री पद एवं विभागों में 50-50 के फॉर्मूले के आधार पर सरकार बनाने की मांग पर अड़ी हुई है जबकि भाजपा मुख्यमंत्री पद, गृह मंत्रालय एवं विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए किसी भी प्रकार का समझौता करने को तैयार नहीं है। महाराष्ट्र में नौ नवंबर को नयी सरकार के शपथग्रहण की तैयारियां होने की खबर है।

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केबीसी के अगले एपिसोड में पूछा जा सकता है ये सवाल, किस पार्टी को मिला है भारतीय जासूसी पार्टी का खिताब

केबीसी में ​अमिताभ बच्चन आजकल राजनीति से जुड़े सवाल अधिक पूछ हैं और अक्सर ऐसे सवालों का जवाब देने में प्रतिभागी नाकाम रहते हैं। ऐसे ही सवालों की लिस्ट में एक नया सवाल जुड़ने वाला है जिसे केबीसी के अगले एपिसोड में कभी भी पूछा जा सकता है क्योंकि ये सवाल ऐसा ही है जिसका जवाब बहुत कम लोग याद रखेंगे। सवाल ये हो सकता है कि भारत में हाल ही किस पार्टी को भारतीय जासूसी पार्टी का खिताब मिला है।

क्योंकि एक दिन पहले ही कांग्रेस ने केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि उसे इस साल अप्रैल-मई में बीते लाेकसभा चुनावों के समय इजरायली साॅफ्टवेयर पिगैसस के माध्यम से नेताओं, पत्रकारोंं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी कराये जाने की पूरी जानकारी थी और वह इस मामले में रहस्यमयी एवं षड़यंत्रकारी चुप्पी साधे हुए है।
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने संवाददाता सम्मेलन में अपने आरोपों के समर्थन में कुछ दस्तावेज पेश करते हुए कहा, “अबकी बार जासूस सरकार।” उन्होंने कहा कि फेसबुक एवं व्हाट्सएप के मालिक ने 17 मई को अपनी रिपोर्ट में केन्द्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को इस बारे में जानकारी दे दी थी। उन्होंने कहा कि जासूसी के लिए इजरायल निर्मित जिस पिगैसस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया, उसे निर्माता कंपनी केवल एवं केवल सरकार एवं उसकी सुरक्षा एजेंसियों को ही बेचती है।

सुरजेवाला ने रिपोर्ट के आधार पर यह दावा भी किया कि पिगैसस की जासूसी निगाह से नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) और विदेश संचार निगम लिमिटेड भी प्रभावित रहे हैं। इसका मतलब यह है कि कोई भी जासूसी के दायरे से अछूता नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार यह सब जानने के बावजूद एक रहस्यमयी एवं षड़यंत्रकारी चुप्पी साधे रही। अमेरिका में मामला 30 अक्टूबर को सामने आने के बाद संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीटर पर अगले दिन कहा कि उन्होंने कंपनी से जानकारी मांगी है ।

उन्होंने कहा कि आज तक सरकार ने इस बारे में कुछ भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया है और पत्रकारों एवं संपादकों पर दबाव डाल कर सूत्रों के हवाले के झूठी बातें छपवा रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि वह बताये कि क्या चुनाव के लिए उसने राजनेताओं एवं पत्रकारों की जासूसी करवायी। क्या यह टेलीग्राफ अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का उल्लंघन नहीं है। केन्द्र सरकार ने किसके कहने पर पिगैसस की खरीद एवं उसके गैरकानूनी इस्तेमाल की इजाजत दी। क्या यह काम प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार या गृहमंत्री ने किया था। केन्द्र सरकार ने इस पर रहस्यमयी चुप्पी क्यों साधे रखी। क्या सरकार इसके जिम्मेदार मंत्रियों या अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से इस मामले में भाजपा की संलिप्तता उजागर हुई है उसके बाद पार्टी के नाम का अर्थ अब भारतीय जासूस पार्टी हो गया है।

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राहुल गांधी ने त्यागपत्र देकर एक से एक दिग्गज नेताओं से त्यागपत्र दिलाने का सिलसिला शुरू किया है- राजनाथ

नयी दिल्ली । कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने एवं इस्तीफा दिलाने के आरोपों से इन्कार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज संसद में कटाक्ष किया कि कांग्रेस में त्यागपत्र देने का सिलसिला राहुल गांधी ने शुरू किया है जिसका भाजपा से कोई लेना देना नहीं है।

लोकसभा में शून्यकाल आरंभ होते ही सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने यह मामला उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र साजिश का शिकार हो गया है।ध्यप्रदेश एवं कर्नाटक की सरकार में दलबदल कराया जा रहा है। केन्द्र सरकार गुप्त तरीके से साजिश कर रही है। भाजपा को पसंद नहीं है कि विपक्षी दलों की सरकार किसी राज्य में चले। ये बहुत चिंता की बात है।

चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों को राज्यपाल के कार्यालय से सुनियोजित ढंग से कारों के जरिये हवाईअड्डे ले जाया गया और फिर वहां से भाजपा के एक सांसद के चार्टर्ड विमान से मुंबई ले जाकर एक पांच सितारा होटल में रखा गया है। यह सब कुछ पूर्वनियोजित ढंग से कराया गया है। केन्द्र सरकार कहती है कि ये लोकतंत्र में विश्वास करती है लेकिन ये तो लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है। उन्होंने कहा, “आपके 303 सांसद जीत गये लेकिन आपका पेट नहीं भरा। आपका पेट कश्मीरी गेट हो गया है।”चौधरी के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सदन के उपनेता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस विषय पर बोलेंगे। इस पर विपक्ष के सदस्यों ने मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में माैजूद हैं, तो उन्हीं को जवाब देना चाहिए। पर जोशी ने कहा कि सिंह सदन के उपनेता हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि कर्नाटक में जो कुछ भी हो रहा है। उससे उनकी पार्टी का कुछ भी लेना देना नहीं है। उनकी पार्टी का ऐसा कोई इतिहास नहीं है कि किसी दूसरी पार्टी के विधायकों/ सांसदों पर दबाव डाल कर इस्तीफा दिलवाया हो। भाजपा संसदीय गरिमा को बनाये रखने को लेकर हमेशा से प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में त्यागपत्र दिलाने का सिलसिला हमने नहीं शुरू किया। राहुल गांधी ने त्यागपत्र देकर एक से एक दिग्गज नेताओं से त्यागपत्र दिलाने का सिलसिला शुरू किया है। भाजपा का इससे कोई लेना देना नहीं है।

सिंह के जवाब से कांग्रेस के सदस्य उत्तेजित हो गये। उन्होंने अपनी अपनी सीटों पर खड़े हाे कर ‘लोकतंत्र बचाओ’ के प्लेकार्ड उठाकर सरकार के विरुद्ध नारे भी लगाये। इसी शोरशराबे के बीच अध्यक्ष आेम बिरला ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के टी आर बालू का नाम पुकारा। बालू ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) के पाठ्यक्रम की एकरूपता को लेकर सवाल उठाये और कहा कि तमिलनाडु में कुछ लड़कियों ने आत्महत्या भी की है। शोर शराबे में उनकी बात साफ नहीं सुनायी दी। उन्होंने सरकार ने जवाब चाहा लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं तो द्रमुक के सारे सदस्य सदन के बहिर्गमन कर गये। अध्यक्ष ने इसके साथ ही भोजनावकाश के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

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ओडिशा विधानसभा के उपाध्यक्ष के लिए चुने गये ये विधायक

भुवनेश्वर । बीजू जनता दल (बीजद) विधायक रजनीकांत सिंह गुरुवार को सर्वसम्मति से ओडिशा विधानसभा के उपाध्यक्ष चुन लिए गए।

 

मुख्यमंत्री और सदन के नेता नवीन पटनायक ने सिंह का विधानसभा उपाध्यक्ष के लिए नाम प्रस्तावित किया और संसदीय मामलों के मंत्री बिक्रम केसरी अरुख ने प्रस्ताव का समर्थन किया।विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और किसी अन्य दल ने इस पद के लिए उम्मीदवार खड़ा नहीं किया था और सिंह निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।

कांग्रेस विधान दल के नेता नरसिंह मिश्रा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) ने सिंह को उपाध्यक्ष चुने जाने पर बधाई और सदन चलाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।दोनों ने उम्मीद जताई है कि सिंह सदन की गरिमा को बनाये रखने के लिए अपने दायित्वों काे निष्पक्ष निभायेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष सूर्या नारायण पात्रो ने सिंह के निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने जाने पर सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया और अपील की कि सभी विधायक सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण चलाने में पूरा योगदान करें।नवीन पटनायक सरकार में मंत्री रहे सिंह चार बार से अंगुल विधानसभा सीट से विधायक हैं।उनके पिता आदित्य नारायण सिंह भी पूर्व मंत्री थे।

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भाजपा विधायक ने समर्थकों संग मिलकर किया ऐसा काम जिसे जान के आपको भी आ जाएगी शर्म

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के गंजी कंपाउंड क्षेत्र में आज एक अति खतरनाक मकान को तोड़ने पहुंचे नगर निगम कर्मचारियों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक आकाश विजयवर्गीय और उनके समर्थकों ने पीट दिया।

इस संबंध में वायरल हुए वीडियो में पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय क्रिकेट के बल्ले से निगम कर्मचारी को पीटते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद इंदौर-3 विधानसभा क्षेत्र से विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा ‘मैं बहुत ग़ुस्सा में था। मैंने क्या कर दिया, मुझे नहीं पाता।’ घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसबल ने विधायक और उनके समर्थकों के बीच से मारपीट के शिकार बने दो निगम कर्मचारियों को बीच बचाव कर सुरक्षित बाहर निकाला।

विधायक विजयवर्गीय क्रिकेट खेलने के बल्ले से निगम अधिकारियों को पीट रहे थे। घटना के बाद निगम के अफसरों ने स्थानीय पुलिस को शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उधर घटना से आक्रोशित निगम कर्मियों ने काम बंद का एलान कर दिया है। सोशल मीडिया पर घटनाक्रम से जुड़े वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।