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पहले आडवाणी के सर पर सवार हुए थे जिन्ना, अब भाजपा के इस नेता की खोपड़ी पर आ बैठे

जिस मोहम्मद अली जिन्ना ने भाजपा के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी से प्रधानमंत्री की कुर्सी छीन ली, वहीं जिन्ना अब रतलाम से चुनाव लड़ रहे भाजपा नेता गुमान सिंह डामोर के सिर पर सवार हो गए हैं। डामोर ने जिन्ना की उसी तरह तारीफ कर डाली है, जैसे आडवाणी ने पन्द्रह साल पहले की थी।

इधर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के रतलाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी प्रचार करने की आलोचना करते हुए कहा है कि देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार मोहम्मद अली जिन्ना की शान में कसीदे पढ़ने वाले भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गुमान सिंह डामोर के बयानों को लेकर मोदी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दो दिन पहले रतलाम के भाजपा प्रत्याशी डामोर ने जिन्ना की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर पंडित जवाहर लाल नेहरू की जगह जिन्ना को प्रधानमंत्री बना दिया जाता से देश के टुकड़े न होते। खेड़ा ने इस बयान की भर्त्सना की और कहा कि मोदी के साथ ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस बयान के लिए देश से माफी मांगे।

उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है, डामोर के आपत्तिजनक बयान के दो दिन बाद ही मोदी उनके संसदीय क्षेत्र रतलाम पहुंचकर उनके लिए वोट मांगते हैं। यह समझ नहीं आता कि भाजपा नेता पंडित नेहरू से नफरत कर जिन्ना से प्रेम कर बैठते हैं या जिन्ना के प्रेम में नेहरू से नफरत करते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने डॉ भीमराव अम्बेडकर की एक पुस्तक का जिक्र किया और कहा कि बाबा साहेब ने लिखा कि यह आश्चर्य है कि देश के विभाजन के मुद्दे पर आरएसएस और जिन्ना के विचार समान हैं।

प्रवक्ता ने मोदी पर हमला किया और कहा कि वह बहुत ‘हल्के’ प्रधानमंत्री हैं इसलिए उन पर चुटकुले बन रहे हैं और लोग मजे ले रहे हैं। मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन पर बने चुटकुलों को लेकर ठहाके लगाये जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को हल्का किया है।
वह प्रधानमंत्री की हैसियत से बिना बुलाए पाकिस्तान पहुंचते हैं और देश का अपमान करते हैं।

खेड़ा ने कहा कि मोदी सेना संबंधी निर्णयों को लेकर हल्की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने देश की सेना की युद्ध रणनीति का सार्वजनिक तौर पर खुलासा कर पद की प्रतिष्ठा को घटाया है। प्रधानमंत्री पद पर बैठा व्यक्त युद्धनीति को सार्वजनिक नहीं करता है क्योंकि पूरी दुनिया उनके एक एक शब्द का विश्लेषण करती है और खासकर देश के दुश्मनों के लिए यह विश्लेषण का अच्छा मौका होता है।

इससे पहले कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीपसिंह सुरजेवाला ने भी मोदी की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने देश की सैन्य शक्ति की दक्षता का अपमान किया है। उन्होंने ट्वीट किया “किसी प्रधानमंत्री ने 70 साल में सैन्य शक्ति का माखौल नहीं उड़ाया, पर मोदी ने अपने अधकचरे ज्ञान को सेना के प्रोफेशनलिज्म से ऊपर रखा। सेना के नाम पर वोट बटोरने में वे इतने लीन हैं कि सेना का ही अपमान कर दिया।

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