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भीषण सड़क हादसा,24 प्रवासी मजदूरों की मौत

औरैया । उत्तर प्रदेश में औरैया जिले के काेतवाली सदर क्षेत्र में शनिवार अहले सुबह दो वाहनों की भिड़ंत में कम से कम 24 प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु हो गयी जबकि 35 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये।

जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि तड़के ढाई से तीन बजे के बीच यह हादसा चिरूहली- मिहौली गांव के बीच हुआ जब एक चूना लदा ट्राला सड़क किनारे खड़े एक मिनी ट्रक से टकरा कर पलट गया जिससे उसमें सवार श्रमिक चूने की बोरियों के नीचे दब गये।

इस हादसे में 24 की मौके पर ही मृत्यु हो गयी जबकि गंभीर रूप से घायल 15 श्रमिकों को सैफई मेडिकल यूनीवर्सिटी अस्पताल रेफर किया गया है वहीं 20 का इलाज औरैया जिला अस्पताल में किया जा रहा है। मृतकों और घायलों में ज्यादातर की पहचान कर ली गयी है। हताहतों में कई श्रमिक परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। पीड़ित के परिजनों को सूचना भिजवाई जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि हताहतों में शामिल ज्यादातर श्रमिक बिहार,झारखंड और पश्चिम बंगाल के निवासी है जो दिल्ली और राजस्थान के भरतपुर से वापस अपने घरों को लौट रहे थे। जिलाधिकारी अभिषेक सिंह और पुलिस अधीक्षक सुनीति ने मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य सम्पन्न कराया। कई क्रेनों की सहायता से ट्राला और डीसीएम में फंसे मजदूरों को निकाल कर एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क दुर्घटना में हताहत प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुये पीड़ितों को हर संभव राहत प्रदान करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने मंडलायुक्त कानपुर तथा आईजी कानपुर को तत्काल मौके पर पहुँच कर राहत कार्य अपनी देख रेख में संपन्न कराने तथा दुर्घटना के कारणों की जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

हादसे में मारे गये लोगों में राहुल निवासी गोपालपुर थाना पिंडा जोरा झारखंड, नंद किशोर नंद निवासी पिंडा जोरा, केदारी यादव निवासी बाराचट्टी बिहार,अर्जुन चौहान,राजा गोस्वामी,मिलन निवासी पश्चिम बंगाल,गोवर्धन , अजीत निवासी ऊपर बन्नी पुरुलिया पश्चिम बंगाल,चंदन राजभर, नकुल महतो,सत्येंद्र निवासी बिहार,गणेश निवासी पुरुलिया पश्चिम बंगाल, उत्तम,सुधीर निवासी गोपालपुर,कीर्ति खिलाड़ी,डॉ मेहंती,मुकेश,सोमनाथ गोस्वामी के तौर पर की गयी है जबकि अन्य नौ की शिनाख्त के प्रयास किये जा रहे हैं।

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जंगल छोड़कर गांव में घूमने आए बाघ के हमले में पांच घायल

कभी इंसानी दखल से परेशान वन्यजीव लाकडाउन का पूरा आनन्द उठा रहे हैं। वे अपने घर (जंगल) से न सिर्फ गांव—कस्बों में घूमने आ रहे हैं बल्कि लोगों पर हमले भी कर रहे हैं। ऐसे ही एक गांव में घूमने आए बाघ ने हमला करके पांच लोगों को घायल कर दिया। ये घटना उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के पास जरी गांव में घटी है। वहां बाघ ने पांच लोगों को घायल कर दिया। उसने वन विभाग की टीम पर भी हमले का प्रयास किया, जो कि उसे वापस जंगल में ले जाने के लिए आई थी। इस हमले में दो कर्मी घायल हो गए।

बाघ ने धावा बोल दिया

पीडि़तों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब जरी गांव के दो भाइयों गुरप्रीत सिंह और हरदीप सिंह पर बाघ ने हमला किया। हमले के वक्त वे दोनों अपनी मोटरसाइकिल से अपने खेत पर जा रहे थे और रास्ते में उन पर बाघ ने धावा बोल दिया। बाघ उनके काफी करीब था, हालांकि दोनों मोटरसाइकल की गति तेज कर भागने में सफल रहे। बाघ ने कुछ ही मिनटों के बाद एक साइकिल सवार राम बहादुर पर हमला कर दिया और उसे घायल कर दिया। हालांकि बाइक इंजन और दो भाइयों द्वारा किए गए शोर के कारण बाघ ने उसे छोड़ दिया।

लाठी से खदेड़ा बाघ

इसके बाद 10 मिनट के अंदर ही बाघ ने दो यात्रियों उजागर सिंह और लालपुर गांव के उनके सहयोगी लालता प्रसाद पर फिर से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर और कंधे पर गंभीर चोट आई। हालांकि उन्होंने चीखना शुरू कर दिया और जिस लाठी को वे ले जा रहे थे उसी से बाघ को खदेडऩा शुरू कर दिया, जिससे बाघ उन्हें छोड़कर पास की झाडिय़ों में गायब हो गया। पीटीआर के उप निदेशक नवीन खंडेलवाल ने कहा कि बाघ को वन कर्मचारी जब वापस जंगल में भगाने की कोशिश कर रहे थे तब उसने कर्मचारियों पर भी हमला करने कोशिश की। खंडेलवाल ने कहा, ऑपरेशन को शुक्रवार दोपहर को रोक दिया गया था और जमीनी परिस्थितियों के आधार पर फिर से शुरू किया जाएगा, क्योंकि हम बाघ को बेहोश नहीं करना चाहते हैं। जब तक बाघ जंगल में वापस नहीं आ जाता है, तब तक के लिए ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीमें बाघ की गतिविधियों पर निगरानी रखेगी।

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खम्भे से उतारने के लिए पुलिस को पिलानी पड़ी शराब

बरेली से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां शराब की मांग करने वाला एक शख्स विज्ञापनों की होर्डिंग लगाए जाने वाले एक खंभे पर चढ़ बैठा और उसकी मांग न पूरी होने पर आत्महत्या करने तक की भी धमकी दी।

इस नाटक की शुरूआत गुरुवार देर शाम को हुई और एक घंटे बाद जब पुलिस ने उसे शराब की बोतल देने का वादा किया, तब जा कर यह खत्म हुआ।
घटना की पुष्टि करते हुए कोतवाली एसएचओ गीतेश कपल ने कहा, हम उसे बिना किसी चोट के नीचे लाने में कामयाब रहे।

हमने सिर्फ वादा किया था, लेकिन शराब की बोतल उसे नहीं दी गई। राज्य में शराब की बिक्री पर रोक लगी हुई है और हम लॉकडाउन के दिशा निदेर्शों का सख्ती से पालन कर रहे हैं। हम उसकी पहचान करने की कोशिश में जुटे हुए हैं, ताकि परिवार को सूचित किया जा सकें।

पुलिस कर्मियों ने उस आदमी को खाना और सॉफ्ट ड्रिंक दिया और उसे छोडऩे से पहले उसकी काउंसिलिंग भी की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वह आदमी मानसिक रूप से अस्थिर लग रहा था।

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सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचे गिरफ्तारी की आशंका से डरे अर्नब, कोर्ट ने दी राहत

उच्चतम न्यायालय ने बेहद आक्रामक अंदाज में राजनेताओं पर आरोप लगाने के आरोपी टीवी कार्यक्रम प्रस्तोता अर्नब गोस्वामी के खिलाफ कांग्रेस शासित राज्यों में दर्ज 16 एफआईआर के आधार पर अर्नब की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की खंडपीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान अर्नब की याचिका पर सभी छह राज्य सरकारों को नोटिस जारी किये। न्यायालय ने अर्नब को अपनी याचिका में संशोधन की अनुमति दी तथा सभी प्राथमिकियों और शिकायतों को अपनी याचिका में शामिल करने का निर्देश दिया। इस बीच वह अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। शीर्ष अदालत ने मुंबई पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वह वहां रिपब्लिक टीवी के कार्यालय और कर्मचारियों की सुरक्षा मुहैया करायें।

गोस्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि उनके मुवक्किल ने अपने टीवी प्रोग्राम में पालघर की घटना में पुलिस के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर सवाल खड़े किए। रोहतगी ने कहा कि पालघर में 12 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में 200 लोगों की भीड़ ने दो साधुओं की हत्या कर दी, किसी ने पूरी वारदात की वीडियो बना ली, पर दु:ख की बात यह है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही कि मानो इस अपराध में उनकी मिलीभगत हो। रोहतगी ने दलील दी कि उनके मुवक्किल ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की खामोशी पर सवाल खड़े किए थे कि मरने वाले अगर अल्पसंख्यक समुदाय के होते तो क्या तब भी वह खामोश रहती। उन्होंने दलील दी कि कांग्रेस के लोगों ने एक ही मामले में कई राज्यों में मुकदमे दर्ज करवाए, जो राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने सभी प्राथमिकी रद्द करने की मांग भी की। महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि इस समय पूरा देश कोरोना संकट से जूझ रहा है और ऐसे में अर्नब देश में दो समुदायों के बीच उन्माद और हिंसा भड़काने की कोशिश में लगे हैं। अर्नब न्यूज चैनल को मिले लायसेंस का दुरूपयोग कर रहे हैं। न्यूज चैनल के नाम पर किसी को कुछ भी बोलने की इजाजत नहीं दी जा सकती है, अर्नब ने ब्रॉडकास्ट लाइसेंस का उल्लंघन कर सम्प्रदायिक उन्माद फैलाया।

सिब्बल ने कहा कि अभी तो एफआईआर दर्ज हुई है

सिब्बल ने कहा कि अभी तो एफआईआर दर्ज हुई है, पुलिस जांच करेगी और हो सकता है कि कई और धाराएं जोड़ी जाएं, कई धाराएं ग़ैर जमानती हैं, इस स्टेज पर आरोपी प्राथमिकी निरस्त करने की मांग कैसे कर सकते हैं। अवमानना के एक मामले में राहुल गांधी निचली अदालत में पेश होते हैं, जबकि अर्नब को अदालत में पेश होने में दिक्कत महसूस होती है। याचिकाकर्ता को आखिर ये छूट क्यों मिलनी चाहिए? कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अर्नब के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, तो उसमें दिक्कत क्या है। राहुल गांधी ने भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मानहानि के मुकदमों को झेला है। इस पर रोहतगी ने कहा कि राहुल गांधी राजनीतिक दल के नेता हैं लेकिन अर्नब राजनेता नहीं हैं और उन्होंने जो मामला उठाया है वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की आजादी का मामला है। रोहतगी ने कहा कि अर्नब के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जो मामले दर्ज किये हैं, उनमें छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र कांग्रेस शासित प्रदेश हैं। खास बात यह है कि अर्नब के बयान से कथित तौर पर जिसकी मानहानि हुई है, दरअसल में उसे ही शिकायत करना चाहिए था, लेकिन इन मामलों में ऐसा नहीं हुआ है और एक जैसे ही 16 प्राथमिकियां दर्ज करायी गयी हैं। राजस्थान सरकार की ओर से मनीष सिंघवी और छत्तीसगढ़ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा पेश हुए। तन्खा ने न्यायालय से अर्नब को इस तरह के बयान से प्रतिबंधित करने की मांग की, लेकिन न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि वह खुद भी मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ हैं।

नागपुर में दायर एफआईआर मुंबई स्थानांतरित

इसके बाद न्यायालय ने पहले तो अर्नब को दो सप्ताह की राहत के संकेत दिये, लेकिन आदेश लिखवाते वक्त रोहतगी के आग्रह पर उन्होंने इसे तीन सप्ताह कर दिया। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने मुंबई स्थित रिपब्लिक टीवी कार्यालय की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया तथा नागपुर में दायर प्राथमिकी को मुंबई स्थानांतरित कर दिया। अर्नब ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राजस्थान और जम्मू एवं कश्मीर में उनके खिलाफ दर्ज 16 प्राथमिकियों के आधार पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक की मांग को लेकर शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने और नफरत फैलाने वाले बयान देने के आरोप में गोस्वामी के खिलाफ इन छह राज्यों में कुल 16 प्राथमिकियां दर्ज करायी गयी हैं। अर्नब ने अपनी याचिका में प्राथमिकियों के आधार पर कोई भी दंडात्मक कार्रवाई किये जाने से पुलिस प्रशासन को रोकने और इन प्राथमिकियों को निरस्त करने की मांग की है। अर्नब और उनकी पत्नी पर परसों रात ड्यूटी से घर लौटते वक्त कुछ लोगों ने हमले भी किये थे। जिसके बाद उन्होंने मुंबई के एक पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी भी दर्ज करायी है।

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गरीबों की किचन में परोस रहे थे शराब, मयखाना चलाने वाले दो विदेशी गिरफ्तार

लॉकडाउन में फंसे गरीबो को भोजन मुहैया कराने के नाम पर चलाए जा रहे किचन में मयखाने चलाए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने ऐसे ही एक मयखाने का भंडाफोड़ करके दो विदेशियों को गिरफ्तार किया है। अफ्रीकी मूल के दोनो विदेशी के कब्जे से अवैध शराब भी बरामद की गयी है।

इस सिलसिले में आरोपियों के खिलाफ मोहन गार्डन थाने में आपराधिक मामला दर्ज कराया गया है। गिरफ्तार दोनो अफ्रीकी युवकों की उम्र 30 और 22 साल है।
डीसीपी के मुताबिक, 22-23 अप्रैल की मध्य रात्रि में करीब ढाई बजे इस संदिग्ध किचन के बारे में सूचना मिली थी। यह किचन मोहन गार्ड के विपिन गार्डन में चल रहा था। किचन की आड़ में चल रहे मयखाने का पर्दाफाश करने के लिए प्रशिक्षु आईपीएस अक्षत कौशल, एसएचओ मोहन गार्डन अरुण कुमार, सहायक उप निरीक्षक संजय धामा, हवलदार लोकेंद्र और एसीपी मोहन गार्डन विजय सिंह की तीन टीमें बनाई गयीं।

योजना बनाकर किचन को घेर लिया

इन्हीं टीमों ने योजना बनाकर किचन को घेर लिया। पुलिस टीमों ने जब छापा मारा तो, मौके से पुलिस को 11 बीयर की बोतलें, 3 क्वार्टर बोतल, बीयर की कई खाली बोतलें मिलीं। मौके पर मौजूद मिले दोनो अफ्रीकी मूल के युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। छानबीन के दौरान दोनो आरोपी विेदेशी युवक भारत में अपने ठहरने का कोई वैध दस्तावेज भी नहीं दिखा पाये।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि, जिस मकान में किचन के अंदर चोरी छिपे ये मयखाना चल रहा था वो, किराये पर था। पता चला कि मकान मालिक ने भी बिना कोई वेरीफिकेशन कराये हुए ही विदेशी युवकों को किराये पर मकान दे दिया था। लिहाजा मकान मालिक के खिलाफ भी पुलिस ने अलग से एक और मामला दर्ज किया है।

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फेसबुक से फोटो चुराकर यूपी के दबंग अफसर को साइबर ठगों ने लगाया चूना

लॉकडाउन के चलते बैंकिंग लेनदेन कम हो जाने से आम नागरिकों को ठगी का शिकार नहीं बना पा रहे साइबर ठग अब पुलिस अफसरों को शिकार बना रहे हैं। ठगों ने राष्ट्रीय राजधानी से सटे हाईटेक शहर ग्रेटर नोएडा के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार सिंह को फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर मोटी ठगी करने की कोशिश की है।

 

राजेश कुमार सिंह की गिनती यूपी पुलिस के दबंग अफसरों में की जाती है। डीसीपी राजेश कुमार सिंह के नाम से अनजान लोगों ने फर्जी फेसबुक आईडी बना ली। इसकी जानकारी उन्हें अपने कुछ परिचितों से मिली। साइबर ठगों ने उनके असली फेसबुक एकाउंट से फोटो चोरी करके ऐसा किया। सिंह को तब पता चला जब लोगों ने उन्हें फोन करके पूछा कि उन्हें पैसे की क्या जरूरत पड़ गई। अगर पैसे चाहिए तो सीधे मोबाइल पर मैसेज या बात करके ले लेते। फेसबुक के जरिये रुपए क्यों मांग रहे हैं?
साइबर ठगों ने पैसे मांगने के साथ ही फर्जी फेसबुक आईडी से तमाम लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भी भेज दी। संभव है कि ठग फर्जी फेसबुक आईडी पर कुछ और अनजान लोगों को जल्दी से जल्दी जोड़कर उन्हें अपने जाल में फंसाना चाह रहे हों, हालांकि अब इसके चांस कम हैं। क्योंकि डीसीपी ने अपने सर्किल में सोशल मीडिया के ही जरिये इस फर्जी फेसबुक आईडी के बारे में बताकर अधिकांश परिचितों को अलर्ट कर दिया है। उल्लेखनीय है कि गौतमबुद्ध नगर जिले में ही कुछ समय पहले तैनात रह चुके एक इंस्पेक्टर के साथ भी इसी तरह की ठगी का मामला सामने आया था। इसी तरह बीते साल दिल्ली के एक संयुक्त पुलिस आयुक्त के साथ तो इस सबसे भी चार कदम आगे साइबर ठग पेश आये थे। ट्रांसपोर्ट विंग में तैनात इन संयुक्त पुलिस आयुक्त के कार्ड से साइबर ठगों ने 28 हजार रुपये निकाल लिये थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त को साइबर ठगों द्वारा ठग लिये जाने की जानकारी तब हुई जब वे पुलिस मुख्यालय (आईटीओ) में अपने दफ्तर में बैठे हुए थे, उसी समय उन्हें मोबाइल पर कार्ड से 28 हजार रुपये निकाल लिये जाने का मैसेज मिला।

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delhi police getting alert: मिलते रहे अलर्ट फिर भी हाथ बांधे खड़ी रही पुलिस

delhi police getting alert:  खुफिया एजेंसियों ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा शुरू होने से पहले दिल्ली पुलिस को कम से कम छह बार अलर्ट भेजा गया था। भाजपा नेता कपिल मिश्रा के भड़काऊ बयान के दौरान पुलिस को ये अलर्ट भेजे गए थे और इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने को कहा गया था। लेकिन पुलिस कार्रवाई में नाकाम रही और हिंसा पूरे इलाके में फैल गई।

हिंसा से पहले बढ़ा तनाव

शनिवार रात को जाफराबाद में लगभग 500 महिलाएं नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में सड़क पर धरने पर बैठ गईं थीं। विरोध में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने CAA समर्थकों से रविवार दोपहर तीन बजे मौजपुर चौक पर इकट्ठा होने को आह्वान किया।
मिश्रा तय समय पर चौक पर पहुंचे और समर्थकों की मौजूदगी में पुलिस को चेतावनी दी कि वो तीन दिन के अंदर सड़के खाली कराएं नहीं तो उन्हें खुद सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

मिश्रा के जाने के बाद पत्थरबाजी

भाषण देने के बाद कपिल मिश्रा इलाके से चले गए। उनके जाने के बाद CAA समर्थकों और विरोधियों में पत्थरबाजी शुरू हो गई। पहले पत्थरबाजी किसने की, ये अभी तक साफ नहीं है। रविवार को देर शाम तक पत्थरबाजी की खबरें आती रहीं। अगले दिन सोमवार को हिंसा ने बड़ा रूप ले लिया और ये दंगे में बदल गया जो तीन दिन तक चलता रहा। दिल्ली पुलिस के हिंसा रोकने में नाकाम पर गंभीर सवाल उठे हैं।

इस समय भेजा गया पहला अलर्ट

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेशल ब्रांच और खुफिया इकाई ने वायरलेस रेडियो के जरिए उत्तर-पूर्व जिले के पुलिस अधिकारियों को कई अलर्ट भेजे।
पहला अलर्ट दोपहर 1:22 बजे के बाद भेजा गया जब मिश्रा ने ट्वीट कर लोगों को मौजपुर चौक पर जमा होने को कहा था। दोनों गुटों में टकराव की आशंका को देखते हुए खुफिया इकाई ने स्थानीय पुलिस को इलाके में सतर्कता बढ़ाने को कहा था।

पत्थरबाजी शुरु होने के बाद आए बाकी अलर्ट

जब इलाके में दोनों गुटों के बीच पत्थरबाजी हुई और भीड़ इकट्ठा होने लगी, तब भी स्पेशल पुलिस और खुफिया इकाई की तरफ से पुलिस को कई अलर्ट भेजे गए थे। हालांकि पुलिस ने इन अलर्ट पर किसी भी तरह की लापरवाही बरतने की बात से इनकार किया है।
एक पुलिस अधिकारी ने टाइम्स आॅफ इंडिया से कहा, अलर्ट मिलने के बाद सभी आवश्यक कदम उठाए गए। इसी कारण एक वरिष्ठ अधिकारी मिश्रा के साथ था और उसने ये सुनिश्चित किया कि वो जल्द से जल्द इलाके से बाहर जाएं। इन प्रयासों के बावजूद CAA विरोधियों ने मिश्रा के समूह पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।

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क्रिसमस समारोह के दौरान 13 लोगों की मौत

तेगुसिगाल्पा। (शिन्हुआ) मध्य अमेरिकी देश होंडुरास में क्रिसमस समारोह के दौरान कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक अधिकतर मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुईं।

होंडुरास के सड़क एवं परिवहन निदेशालय के उप निरीक्षक जोस कार्लोस लागोस ने बताया कि यह मौतें मंगलवार से बुधवार तक क्रिसमस समारोह के दौरान हुईं। आठ लोगों की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हुई। यह सड़क दुर्घटनाएं कोमायागुआ, खाड़ी द्वीप और सांता बारबरा क्षेत्र में हुईं। प्रशासन के मुताबिक 24 दिसंबर की रात को आतिशबाजी के कारण आठ लोग घायल भी हुए।पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि के दौरान, कुल 275 लोगों को कथित रूप से विभिन्न अपराधों के लिए हिरासत में लिया गया और 40 वाहनों को जब्त किया गया।

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एक करोड़ के नकली नोट छापकर भी कम नहीं हुआ लालच, पांच करोड़ छापने की थी तैयारी

गुजरात में सूरत शहर के डीसीबी क्षेत्र में अपराध शाखा की टीम ने रविवार को एक करोड अधिक के 2000 रुपये के नकली नोटों के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर कामरेज के लेक विलेज फार्म के पास रोड पर कामरेज निवासी प्रतीक डी. चोडवडिया (19) की तलाशी के दौरान उसके पास से चार लाख छह हजार के 2000 रुपये के 203 नोट जब्त किये। उसने पूछताछ में बताया कि कामरेज निवासी प्रवीणभाई जे. चोपरा, काणु पी. चोपरा, अंकलेश्वर निवासी मोहन एम. वाघुरडे और खेडा जिले के अंबाव के स्वामीनारयण मंदिर के राधारमण स्वामी ने मिलकर अंबाव में नए बन रहे स्वामीनारायण मंदिर के परिसर में यह नोट छापी हैं। इस पर अपराध शाखा की टीम ने वहां छापा मारकर राधारमण स्वामी के कमरे से 50 लाख के 2000 रुपये के 2500 नकली नोट तथा नोट छापने का सामान जब्त कर लिया।

अन्य तीन आरोपियों को सरथाणा श्यामधाम मंदिर रोड पर पकड़ा गया और प्रवीण जे. चोपरा से 19 लाख 20 हजार के 2000 रुपये के 960 नकली नोट, काणु पी. चोपरा से 15 लाख के 2000 के 750 नकली नोट तथा मोहन एम. वाघुरडे से 12 लाख के 2000 के 600 नकली नोट जब्त किये गए। इस तरह कुल एक करोड 26 हजार के 2000 रुपये के पांच हजार 13 नकली नोट जब्त किये गये हैं। पुलिस ने इस सिलसिले में मामला दर्ज करके आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

इधर गुजरात में ही अहमदाबाद शहर के वासणा क्षेत्र में 65 लाख रुपये के सोना लूट मामले में अपराध शाखा की टीम ने रविवार को तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

सहायक पुलिस आयुक्त बी. वी. गोहिल ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर अपराध शाखा की टीम ने दाणीलीमडा में काशीराम फैक्ट्री के निकट आज सुबह दुपहिया वाहन पर जा रहे नारोल निवासी घनश्याम के. श्रीमाणी, वटवा निवासी अेहमद उर्फ गोली आर. पठान और जुहापुरा निवासी इकबाल उर्फ शाहरुख जी. शेख को 63 लाख 22 हजार 724 रुपये मूल्य के 1841.280 ग्राम वजन के 21 नवंबर को लूटे हुए सोने के आभूषणों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में घनश्याम ने बताया कि वह डेढ साल पहले होमगार्ड में नौकरी करता था। इन तीनों पर पहले भी अलग-अलग थाने में लूट मामले दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि वासणा इलाके में अंजली पुल पर गुरुवार को दुपहिया वाहन पर जा रहे नवीनभाई और रमशभाई को रोककर उनसे 65 लाख 92 हजार 486 मूल्य के 1912.530 ग्राम सोना आभूषणों को लूट कर ये लुटेरे फरार हो गए थे।

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स्कूली बच्चों के लिए खाना बनाने के दौरान फटा सिलेंडर

मोतिहारी । बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र में आज सुबह खाना बनाने के दौरान रसोई गैस सिलेंडर के फटने से चार लोगों की मौत हो गयी तथा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये।

पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा सुगौली रेलवे गुमटी के निकट स्कूली बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाया जा रहा था तभी अचानक रसोई गैस सिलेंडर में रिसाव के कारण आग लग गयी। इसके बाद सिलेंडर धमाके के साथ फट गया जिसमें चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी तथा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये।

सूत्रों ने बताया कि धमाका इतना जोर का था कि मृतकों के शव क्षत-विक्षत हो गयें हैं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। मृतकों की तत्काल पहचान नहीं की जा सकी है। पुलिस राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है।